भेऴी हूगी अमोस पून्यू भेऴी तेरस तीज वोट ले'र सरपंचा बोल्या हट काचर रा बीज पग झाल्यां परभात उघड़ी गिया नोटां में भीज देसी पी'र ढेंकड़्यां केवे हट काचर रा बीज बळतीया के लाय लागी हुई प्रोपर्टीयां सीज आखा देख गरूजी बोल्या हट काचर रा बीज दियाळी रा होळी धोकी राखी ने आखा तीज सरपंचा रा भाग फुटग्या हटट काचर रा बीज फेर चुनाव वोट ने आयो गिया देवणिया खीज़ लात मार सरपंच ने बोल्या हट काचर रा बीज घणी दिराई फांक्यां टिकड़्यां घणी दिराई चीज़ दारू मायां गांव डूबग्या हट काचर रा बीज
अरे गजब फकीरा रे
अरे गजब फकीरा खेल रचायो
माटी रो मोल भाव कर जनता ने भरमायो रे
अरे भटक विदेशां नांव कमायो
मायड़ रो दुनिया भर में नांव डुबायो रे
अरे तू घट मायो ना घी खायो
जनता ने धुड़ खड़ा, खुद मशरुमा खावण ने आयो
बण के प्रधान भगतां रो माथो खायो
गजब फकीरा........
अरे चौकीदारी खूब दिखाई, संपति भारत री खाई
जनता ने चंदरू बणा उन्नीस में ऐकर पाछो आयो
फेंकन री सीमा को फेंकुमल घणो बतायो
गजब फकीरा.........
अरे टिकटां बिकती म्हाँ ही देखी, ट्रेना ओ बेच के खाई
जनता सड़कां पे लाकर जनता ने ओ मूढ़ बनायो
बेचन री तरकीबा रो पार नी पायो
गजब फकीरा.........
अरे खेत-किसान ने धोखो दिन्हो, रिपिया ने मौको दिन्हों
कोरोना जीव लेवग्यो, राम को मंदिर जोर बनायाे
चंदो खा कोरोना रो, दाढ़ बढ़ायो
गजब फकीरा.........

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